रविवार, 22 सितंबर 2024

पीसइँ मकरा, गावइँ सीता हरन

भाव - अवसर के प्रतिकूल व्यवहार करना

शाब्दिक अथॆ - मकरा (एक मोटा अनाज) पीसते समय सीता हरण का प्रसंग गाने का क्या औचित्य है

(साभार- श्री दल बहादुर सिंह, गहिरी - प्रतापगढ़ , अन्जलिका एवम् गौरव निगम)




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