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सोमवार, 18 फ़रवरी 2013

हरा ले के निसरा हरवहवा

हरा ले के निसरा हरवहवा
अहिरवा आपन गाय लोइ
भैया ले के निसरे बहिनियाँ
त बड़े भिनसार लोइ
माई क़ पोसल भइयवा
त हालि-हालि जाइं लोइ
ससुरे क़ डहिलि बहिनियाँ
त चलिय न जाइ लोइ।
    

शनिवार, 16 फ़रवरी 2013

गुरुवार, 7 फ़रवरी 2013

कांची कांची कोंहरा - 2

कांची कांची कोंहरा
दूध  भात मनोहरा
तेलवा जाइ सोते-सोते
भैया बाढ़इं गोते-गोते
तेलवा जाइ डेहरी
भैया के आवइ मेहरी।

बच्चों के सर पर तेल की चम्पी करते समय गया जाता है।

मंगलवार, 5 फ़रवरी 2013

काँची काँची कोंहरा - 1

काँची काँची कोंहरा
दूध भात लोहरा
खरी भूँसा गैया खांय
दूध-भात भैया खांय

छोटे बच्चों को खाना खिलते समय माँ, दादी  द्वारा गाया जाता है।

शनिवार, 2 फ़रवरी 2013

मंगलवार, 29 जनवरी 2013

पोतनहरि


पोतनहरि 

चूल्हे को मिटटी से पोतने के लिए मिटटी के घोल को बनाने और रखने के लिए प्रयोग में लाये जाने वाला बर्तन 

सोमवार, 15 दिसंबर 2008

हमार पहिला अवधी ब्लॉग

बहुत दिना से हम अवधी भाषा के बारे में लिखई चाहत रहे लेकुन हमका ई नाई पता रहा की अब देवनागरी लिपि में इन्टरनेट पे लिखायी आसान होई गई बाटे. पिछले शनीचर जब हमई ई पता चला की गूगल क कुछ इंजिनियर मिल के एक नयी तकनिकी क विकास किहे हयेन, तब हमरी खुशी क ठिकाना नाई रहा अउर हम लपक के ई इन्टरनेट ब्लॉग क निर्माण किहे और लिखई बैठि गए. ई ब्लॉग क मध्यम से हम भारत क उत्तरप्रदेश क जौनपुर जिला क तिलवारी/पिल्किछा (बदलापुर) क्षेत्र में बोलई जाई वाली अवधी भाषा क कुछ चुनिन्दा शब्द अउर कहावत सबके सामने प्रस्तुत करबई. हमरी ई प्रस्तुति में आप सब के गड़ेरिहा/कोल्हुआ (जौनपुर) क्षेत्र क अवधियौ क झलक देखाइ पड़े, काहे से कि हमार ननियाउर गड़ेरिहा/कोल्हुआ में बा. कौनो त्रुटी होवै त कृपा कई के ओका सामने लावै, हम सुधार करइ क पूरा प्रयत्न करबई. आप सबन के सहयोग से हमार सबे क आवै वाली पीढी और देश-दुनिया के बाकी जने क बीच में अवधी भाषा क जानकारी बढ़त रहे. धन्यवाद.

गूगल क ट्रांस्लितेरेशन तकनिकी क बारे में ज्यादा जानकारी बिना आप ई इन्टरनेट पते पे जावे.