मंगलवार, 29 जनवरी 2013

पोतनहरि


पोतनहरि 

चूल्हे को मिटटी से पोतने के लिए मिटटी के घोल को बनाने और रखने के लिए प्रयोग में लाये जाने वाला बर्तन 

1 टिप्पणी:

  1. अब पोतनहरि इतिहास होइगा है। ताल की माटी मा पानी घो‌ल‌िके अम्मा (अजिया (दादी) ) चूल्हा पोतती रहाएं। पर आज की महिरया यो सब भूलि गई हैं। अम्मा हमरी जूनियर हाईस्कूल की प्रिंसिपल रहीं पर मजाल की हम पंचै चप्पल पहिनिके रसोइयां मा घुसि जाई। पर वी दिन आज के लड़िका का जानएं।

    उत्तर देंहटाएं