सोमवार, 22 दिसंबर 2008

सुकठा जाना: आज की अवधी

२३-दिसम्बर-२००८: आज की अवधी
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सुकठा जाना
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दुबला-पतला हो जाना, जैसे की कोई चीज़ सूख गई हो.


वाक्य में प्रयोग
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देखा बेटवा, ठीक से खा-पिया नाहीं त रमुआ के नाई सुकठाइ जाबा.


टिप्पणी:
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कैसी लगी आज की अवधी? जरूर बताएं.
अगर आपके पास ऐसी कोई मजेदार अवधी है जो आप हम सबसे बांटना चाहते हैं तो मुझे अनुराग.दुबे@जीमेल.कॉम (anuraag.dubey@gmail.com) पर ईमेल करें.
और हाँ इस शब्द को प्रयोग करने का अपना अनुभव भी जरूर बतायें.

1 टिप्पणी:

  1. बहुत ही सुंदर प्रयास। आवश्यक और प्रसंशनीय। लगे रहिए।

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